ग्रामीण भारत में हमारा काम 2023 में छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के एक ब्लॉक से आरंभ हुआ।
पिछले कुछ वर्षों में हमारे फील्ड संस्थानों ने हमारे काम को छह राज्यों- छत्तीसगढ़, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तराखंड -में 14 ब्लॉक में विस्तार दिया है। इन सभी स्थानों पर हमारी टीमें विस्तृत प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा को बेहतर बनाने के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य तंत्र के साथ काम कर रही हैं।
हमारा मानना है कि एक मजबूत सार्वजनिक स्वास्थ्य तंत्र किसी समुदाय के अच्छे स्वास्थ्य का एकमात्र उपाय है। और साथ ही लोगों के लिए, खास तौर पर उन लोगों के लिए ज़रूरी है जो देश के सबसे पिछड़े इलाकों में रहते हैं, कि वे इस व्यवस्था पर विश्वास करें और इसका उपयोग करें।

आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा स्वास्थ्य-कर्मी, ए एन एम मिडवाइफ, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी के साथ काम करते हुए हमारा ध्येय है कि इन सबके आपसी सम्बन्ध मजबूत बनें, ताकि समुदाय में सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था के प्रति एक विश्वास जागे।
हम सभी मिलकर रोज़मर्रा की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर, समय-बद्ध और लोगों की पहुँच लायक बनाएँ।
हमारे काम में शामिल हैं-
- ग्राम्य स्वास्थ्य, साफ सफाई और पोषण को बेहतर बनाना (VHSND)
- स्वास्थ्य उपकेंद्र की सेवाओं, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और आँगनवाड़ी केन्द्रों को बेहतर बनाना, और
- ये सुनिश्चित करना कि रेफरल व्यवस्था सुचारु रूप से काम करें। इसमें वाहन सुविधा और बड़े अस्पतालों में मिलने वाली सुविधाएं शामिल हैं।
हम ये भी मानते हैं कि समुदायों की अपने स्वास्थ्य को लेकर चिंता और भागीदारी होनी चाहिए। इसीलिए हम ग्रामीण स्वास्थ्य कमेटी, स्वच्छता कमेटी और पोषण कमेटी और जन आरोग्य समिति का सहयोग करते हैं और उन्हें समर्थन देते हैं।
उनके काम में मदद, उनके क्षमता वर्धन, और रोजमर्रा की चुनौतियों में लगातार सहयोग द्वारा, हम उन्हें अपना कार्य अधिक प्रभावी ढंग से करने में मदद करते हैं।
ग्रामीण भारत में हमारे काम का एक और ज़रूरी हिस्सा बेहद वंचित समुदाय के सात माह से तीन वर्ष के बच्चों के लिए शिशु घर का संचालन है। इनमें से बहुत से क्रेच उन्हीं इलाकों में हैं, जहां हम स्वास्थ्य संबंधी काम भी कर रहे हैं। इन शिशु घरों के माध्यम से हमारा ध्यान बच्चे के आरंभिक विकास के नाज़ुक दौर में शुरुआती पोषण और देखभाल को बेहतर करने पर है।
हम जिन राज्यों में काम कर रहे हैं वहाँ अस्पताल भी बना रहे हैं। ये केवल ज़रूरी सेवाएँ उपलब्ध कराने के लिए नहीं बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए भी है। हमारे राँची विश्वविद्यालय परिसर में एक मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग और अन्य स्वास्थ्य कोर्स भी होंगे ताकि कुशल और कर्मठ स्वास्थ्य कार्मिक तैयार हो सकें।
