अनुदान हमारी स्वास्थ्य संबंधी रणनीति में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये अल्प-सेवित समुदायों तक हमारी पहुँच बनाने के तरीकों में से एक मूल तरीका हैं।

हमारा अनुदान कार्यक्रम मोटे तौर पर निम्न क्षेत्रों को शामिल करता है:
- व्यापक सामुदायिक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा-
इसमें हमारा फोकस दूर-दराज़ के इलाकों में वंचित जनसंख्या पर है, जहां भौगोलिक, आर्थिक या सामाजिक बाधाओं के कारण स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच सीमित है। इसके अंतर्गत हम आदिवासी, ग्रामीण, प्रवासी या घुमंतू या हाशिये के अन्य समुदायों सहयोग प्रदान करते हैं। इन सेवाओं में बीमारियों की रोकथाम, बेहतर स्वास्थ्य के लिए प्रोत्साहन, चिकित्सा और पुनर्वास सेवाएँ प्रदान करते हैं। इसमें मानसिक स्वास्थ्य, शिशु स्वास्थ्य, संक्रामक और असंक्रामक बीमारियां, और पुरानी बीमारियों की स्थितियाँ शामिल हैं। बेहद सक्रिय, सामुदायिक कार्यकर्ताओं द्वारा लोगों को उनके स्वास्थ्य के लिए शिक्षित करना और फ़ालो-अप देखभाल के लिए अनुदान मूलभूत ज़रूरत है। - अस्पतालों की उन्नति के लिए उसके ढांचे और रोगियों की सेवा करने के उपकरणों के लिए पूंजीगत सहयोग-
जनसेवा के लिए प्रतिबद्ध और चेरिटेबल अस्पताल खास तौर पर दूर-दराज़ के और वंचित इलाकों में, अक्सर जीवन-रक्षण सेवाएँ प्रदान करते हैं। इन इलाकों में सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाएँ या तो उपलब्ध नहीं होती हैं या होती भी हैं तो आधी-अधूरी या भारी बोझ तले दाबी हुई। ये अस्पताल नैतिक चिकित्सकीय प्रैक्टिस करते हुये नि:शुल्क या न्यूनतम मूल्य पर उनका इलाज करते हैं, जिनको इसकी सबसे ज्यादा ज़रूरत है। हालाँकि सीमित संसाधनों में उनके लिए अपना कामकाज जारी रखना या आधुनिक सुविधाएं प्रदान कर पाना मुश्किल होता है, लेकिन हमारे अनुदान इन कमियों को दूर करने में मदद करते हैं। इन सहयोगों में ढांचागत सुधार, मेडिकल उपकरण की खरीद, बुनियादी जरूरतों का पुनरुद्धार, और कुछ परिस्थितियों में सामुदायिक स्वास्थ्य कार्य, नियमित अस्पताल संचालन, और पूंजीगत खर्च सब शामिल होता है।
- प्रशामक उपचार यानी पैलिएटिव केयर कार्यक्रम
इस काम में लंबी, जीवन पर्यंत रहने वाली या जानलेवा बीमारियों से जूझ रहे रोगियों और उनके परिवारों की शारीरिक, भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक जरूरतों का ध्यान रखा जाता है। और ये केवल उन रोगियों की बात नहीं जो अपनी अंतिम स्थिति में पहुँच चुके हैं। हमारे अनुदान देखभाल की इस निरंतरता को उनके समुदाय में, उनके घर पर और अस्पताल जैसी परिस्थितियों में बनाए रखने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। घर पर उपलब्ध पैलिएटिव कार्यक्रम रोगी को परिचित माहौल में ही रहने में सक्षम बनाता है। इससे उसकी चिंता, परिवार की अव्यवस्था कम होती है, और अस्पताल में भर्ती होने को टाला जा सकता है, जिससे स्वास्थ्य तंत्र पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है। हमारे अनुदान मरणासन्न रोगियों के अस्थायी आश्रय स्थलों और अस्पताल आधारित इलाज प्रक्रियाओं में भी मदद करते हैं।
मानसिक स्वास्थ्य अनुदान
हमारा मानसिक स्वास्थ्य अनुदान उन संस्थाओं को मदद करता है, जो वयस्क और बूढ़े लोगों की अनेक परिस्थितियों का ध्यान रखती हैं। इसमें गंभीर मानसिक रोग, सामान्य मानसिक अस्वस्थता, और डिमेन्शिया जैसी परिस्थितियाँ शामिल हैं। ये अनुदान उन सबसे अधिक वंचित लोगों तक पहुँच रहे हैं, जो किसी भी हालत में अच्छी मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं तक न तो पहुँच सकते हैं और न ही हासिल नहीं कर सकते हैं ।

ये अनुदान पूरा सहयोग प्रदान करते हैं। सामुदायिक वलांटियर, स्वास्थ्य कर्मियों और विशषज्ञों की मदद से जानकारी होने से लेकर जाँच, रोग की पहचान और चरणवार इलाज तक, हर स्तर पर मदद प्रदान करते हैं। हम रिकवरी लक्षित सेवा, पुनर्वास और समाज में पुन:संयोजित करने को प्राथमिकता देते हैं।
सेवाएँ प्रदान करने के अलावा, हमरे अनुदान उत्तरदायी और संवेदनशील मानसिक स्वास्थ्य परिवेश का निर्माण करने में मदद करते हैं। हमारे सहयोगी देखभाल करने वालों, फ्रंटलाइन कर्मियों, पुलिस, न्याय पालिका और सरकारी व्यवस्था को संवेदनशील बनाने का काम करते हैं और साथ ही क्षमता-वर्धन, निरीक्षण आदि मामलों में सहयोग करते हैं।
कुल मिलाकर, ये अनुदान मानसिक स्वास्थ्य के बारे में जानकारी देने, इस तरह की बीमारियों से जुड़ी भ्रांतियों को कम करने, इलाज की निरंतरता को सुनिश्चित करने और व्यक्तियों को अपने अधिकारों और अपनी पात्रता को पहचानने, उनके आत्मसम्मान को बढ़ाने, समाज में घुलने-मिलने और बेहतर जीवन जीने में मदद करते हैं।
साथ ही, हमारे सहयोगी व्यक्तियों को विशिष्ट विकलांगता कार्ड (यूनीक डिसेबिलिटी कार्ड), विकलांगता पेंशन, और अन्य सरकारी कल्याणकारी योजाओं जैसी मूलभूत अधिकार और पात्रताएँ हासिल करने में मदद करते हैं। हमारा मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सारा काम सहयोगी संस्थाओं द्वारा किया जाता है।
