फ़ील्ड संस्थान, ग्रांट्स और विश्वविद्यालय - यह तीन हमारे ऑपरेटिंग यूनिट्स हैं। यह तीनों एक साथ मिलकर कंधे-से-कंधा मिलाकर काम करते हैं
शिक्षण शुरुआती से ही हमारे के मूल में रहा है। हमने भारत की सार्वजनिक शिक्षा प्रणाली के अंतर्गत स्कूलों में कार्यक्रमगत हस्तक्षेप के साथ शुरुआत की थी। इसका उद्देश्य स्कूलों में पढ़ने वाले लाखों बच्चों के लिए सीखने के नतीजों को बेहतर और समृद्ध बनाना था।
इस तरह के हस्तक्षेपों के माध्यम से स्कूलों और शिक्षकों के साथ एक दशक तक काम करने के बाद हमने संस्थागत दृष्टिकोण से काम करने की ज़रूरत को महसूस किया। हमारे फ़ील्ड संस्थानों का नेटवर्क शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका से जुड़े काम करता है। इस संबंध में व्यापक कार्य करता है।





बेंगलूरु और भोपाल में मौजूद अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय के कैंपस समाज निर्माण के क्षेत्र में काम करने वालों की क्षमताओं को बढ़ाने का काम कर रहे हैं। इस तरह वे फ़ाउण्डेशन की समाज को और मज़बूत और बेहतर बनाने की प्रतिबद्धता को आगे बढ़ा रहे हैं।
शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका में हमारे ख़ुद के अपने कामों के अलावा, हम मानव अधिकार व विकास से जुड़े अलग-अलग क्षेत्रों के कामों के लिए भी मदद करते हैं। यह गैर-लाभकारी और सिविल सोसायटी संगठनों को हमारे वित्तीय ग्रांट्स के ज़रिए किया जाता है।

फ़ील्ड संस्थाएं
हमारे फ़ील्ड संस्थान 6 राज्यों और 1 केंद्र शासित प्रदेश में फैले हुए हैं। हमारे 59 फ़ील्ड संस्थान ज़मीनी स्तर पर काम कर रहे हैं। शिक्षा को बेहतरीन अनुभव बनाने, शिक्षा का स्तर बेहतर करने, उसे सार्थकता प्रदान करने के लिए हम 4 राज्यों में 9 स्कूल चलाते हैं। स्कूली शिक्षा में 20 से ज़्यादा वर्षों तक फ़ील्ड में काम करने का अनुभव प्राप्त करने के बाद हम अब हम स्वास्थ्य और आजीविका के क्षेत्र में भी काम करना शुरु कर रहे हैं।

ग्रांट्स
हम गैर-लाभकारी और नागरिक समाज संगठनों की वित्तीय मदद करते हैं। यह मदद अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने वाले संगठनों को मदद की जाती है। ग्रांट्स कमज़ोर और वंचित तबके के जीवन के बेहतर के हमारे मकसद के आगे बढ़ाने के लिए किया जाता है। फ़िलहाल हम इस तरह के 5,300 संगठनों की मदद कर रहे हैं।

विश्वविद्यालय
हमारे विश्वविद्यालय बेंगलूरु और भोपाल में चल रहे है। इनके ज़रिए हम सोशिअल सेक्टर की काम करने की क्षमता बढ़ाने का काम कर रहे हैं। हमारे विश्वविद्यालय से अब तक अलग-अलग कोर्सेस में 5,300 से ज़्यादा विद्यार्थियों ने डिग्रियाँ हासिल की हैं।
