फ़ाउण्डेशन का मकसद समाज में बदलाव लाना है और अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय इस का अहम हिस्सा है।
हमने देश के सरकारी शिक्षा सिस्टम को बेहतर बनाने के मकसद के साथ अपने काम की शुरुआत की थी। इसके लिए हमने ख़ास तौर पर देश के ग्रामीण और पिछड़े इलाकों में काम करने का फ़ैसला लिया। इस मकसद को आगे बढ़ाने के लिए हमने 2010 में बेंगलूरु में विश्वविद्यालय की स्थापना की।
इसके बाद हमने विश्वविद्यालय का दूसरा कैंपस 2023 से भोपाल में शुरु किया है। अब हम रांची में तीसरा विश्वविद्यालय कैंपस बना रहे हैं।
अब तक हमारे विश्वविद्यालय से 5,300 से अधिक विद्यार्थी अपनी पढ़ाई पूरी कर चुके हैं।
हमारे विश्वविद्यालय के अकादमिक और शोध प्रोग्रैम्स समाज को समानता, न्याय, मानवता की दिशा में आगे बढ़ाने और उसे अधिक बेहतर की बनाने के लिए तैयार किए गए हैं। हमारे विश्वविद्यालय में कई विषयों में ग्रैज्युएशन और प्रोस्ट-ग्रैज्युएशन प्रोग्रैम्स की पढ़ाई होती है। इसके साथ ही हमारे विश्वविद्यालय में वर्किंग प्रोफ़ेशनल्स के लिए सतत शिक्षा प्रोग्रैम्स मौजूद हैं। हमारा विश्वविद्यालय शिक्षा के विभिन्न विषयों से संबंधित पत्रिकाओं का प्रकाशन करता है और शैक्षिक संसाधन भी उपलब्ध कराता है।
हमारे विश्वविद्यालय के प्रोग्रैम्स सामाजिक और मानवीय विकास के क्षेत्रों से जुड़े हुए हैं। इन प्रोग्रैम्स में शिक्षा, शिक्षक-शिक्षा, आरंभिक बाल शिक्षा एवं देखभाल, विकास अध्ययन, पब्लिक हेल्थ, लाइवलीहुड व रोज़गार निर्माण, जलवायु परिवर्तन व सस्टेनेब्लिटी, सामाजिक परिवर्तन के लिए टेक्नोलॉजी और सामाजिक क्षेत्र में नेतृत्व जैसे प्रोग्रैम्स शामिल हैं। इसके साथ ही, भौतिक-विज्ञान और समाज-विज्ञान में अर्थशास्त्र, जीव-विज्ञान, गणित, भौतिकी, इतिहास, अंग्रेज़ी एवं दर्शन जैसे विषय भी हमारे विश्वविद्यालयों में पढ़ाए-सिखाए जाते हैं।
हमारे विश्वविद्यालय में देश के कोने-कोने से विद्यार्थी पढ़ने के लिए आते हैं। इससे हमारे कैंपस में देश की आर्थिक और सामाजिक विविधता देखी जा सकती है। इनमें से 50 प्रतिशत से ज़्यादा विद्यार्थियों को वित्तीय मदद की जाती है। इसके तहत अकादमिक वर्ष 2024 में हुए एडमिशन्स में 48 प्रतिशत विद्यार्थियों को ट्यूशन-फ़ीस और आवासीय शुल्क में 100 प्रतिशत तक की भी छूट दी गई है।
हमारे सतत शिक्षा कार्यक्रम में नागरिक समाज के सदस्यों से लेकर शिक्षक व वरिष्ठ सरकारी कर्मचारियों की भागीदारी होती है।







हमारा विश्वविद्यालय विद्यार्थियों बेहतर-से-बेहतर पाठ्यक्रम उपलब्ध करवाने के साथ-साथ ज़मीनी स्तर पर काम करने का अनुभव प्राप्त करने में भी मदद करता है। इसके लिए विश्वविद्यालय और हमारे फ़ील्ड संस्थान कई साथी संगठनों के साथ मिलकर काम करते हैं। इस तरह की परस्पर जुड़ी हुई पद्धति, जमीनी स्तर पर शोध के ज़रिये ज्ञान के विकास के साथ-साथ नीतियों के निर्माण और उन्हें लागू करने में भी विद्यार्थियों को सक्षम बनाती है।
