सबसे कमज़ोर और ज़रूरतमंद समुदाय की देखभाल करने की इच्छा रखने वाले स्नातकोत्तर डॉक्टरों के लिए अवसर
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भारत के कुछ सबसे दूर-दराज़ और संसाधनों की कमी से जूझ रहे अस्पतालों में काम करने के लिए हमारे साथ जुड़ें। इस फ़ेलोशिप के तहत आपको कई क्षेत्रों के विशेषज्ञों के साथ काम करने और व्यावहारिक अनुभव पाने का एक अनूठा अवसर मिलेगा। इसके लिए आज ही साइन-अप करें।





चित्र सौजन्य: पुरुषोत्तम ठाकुर

वैसे तो स्वास्थ्य क्षेत्र कई चुनौतियों से घिरा हुआ है। इनमें सबसे बड़ा मुद्दा दूर-दराज़ के क्षेत्रों में जाकर कमज़ोर और ज़रूरतमंद समुदायों में काम करने के लिए प्रतिबद्ध स्वास्थ्य कर्मियों की कमी का है। इस कमी को पूरा करने के लिए अज़ीम प्रेमजी फ़ाउण्डेशन योग्य उम्मीदवारों की तलाश कर रहा है। इसी सिलसिले में हम अज़ीम प्रेमजी हेल्थ इक्विटी फ़ेलोशिप प्रस्तावित कर रहे हैं। यह युवा सहभागियों के लिए दूर-दराज़ के क्षेत्रों में रहने वाले कमज़ोर और ज़रूरतमंद समुदायों के लिए कम संसाधनों में काम करते हुए मेडिसिन प्रैक्टिसेस से जुड़ी तमाम पेचीदगियों को स्वास्थ्य क्षेत्र के महारथियों से सीखने का अवसर है।
इस फ़ेलोशिप के तहत डॉक्टरों को सीखने और अनुभव प्राप्त करने के कई तरह के अवसर प्रदान किए जाएँगे। इनमें शामिल है:
- अनुभवी मार्गदर्शक डॉक्टरों की देखरेख में नामी अस्पतालों में काम कर पाएँगे
- आप अपने क्षेत्र के सुलझे हुए डॉक्टरों और साथियों के साथ काम करेंगे
- भारत के सबसे दूरदराज़ के इलाकों में जा कर काम कर सकेंगे
- मानदेय संबंधी अधिक जानकारी के लिए FAQ देखें।
- इस फ़ेलोशिप को पूरा करने वालों को प्रमाणपत्र भी दिये जाएँगे
- इसके तहत आप प्लेसमेंट प्रक्रिया का भी हिस्सा बन पाएँगे
साझा प्रयास
अज़ीम प्रेमजी फ़ाउण्डेशन और देश के 11 नामी संस्थान साथ में आकर इस फ़ेलोशिप की शुरुआत कर रहे हैं। ये सभी संस्थान देश के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद हैं। इस भागीदारी के ज़रिए प्रतिभागियों को हम देश के सबसे सम्मानित संस्थानों के साथ जुड़कर काम करने का मौका मुहैया कराने की कोशिश करेंगे।
Through this partnership, we hope to offer Fellows a unique opportunity to work with some of the most distinguished institutions in the country. Our 11 partners are as follows:
- ASHWINI (Association for Health Welfare in the Nilgiris) Nilgiris, Tamil Nadu
- Christian Hospital Bisamcuttack, Rayagada District, Odisha
- Chinchpada Christian Hospital, Nandurbar District, Maharashtra
- Herbertpur Christian Hospital, Dehradun District, Uttarakhand
- Jan Swasthya Sahayog, Ganiyari, Bilaspur District, Chhattisgarh
- Madhipura Christian Hospital, Madhepura District, Bihar
- Makunda Christian Leprosy & General Hospital, Karimganj District, Assam
- Shaheed Hospital, Dalli Rajhara, Durg District, Chhattisgarh
- Swasthya Swaraj, Kalahandi District, Odisha
- Sewa Rural, Bharuch District, Gujarat
- SEARCH (Society for Education, Action and Research in Community Health), Shodhgram, Gadchiroli District, Maharashtra.
इस कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएँ
यह एक क्षेत्र केंद्रित कार्यक्रम होगा, जो 18 महीनों तक चलेगा।
- यह कार्यक्रम 18 महीनों तक चलने वाला, साइट-केंद्रित कार्यक्रम होगा। ये साइट्स देश के ग्रामीण, दूरदराज़ के माध्यमिक अस्पताल होंगे। संसाधनों की कमी से जूझ रहे इन अस्पतालों में हम केस-लोड और सामुदायिक स्वास्थ्य पर ध्यान देंगे।
- प्रतिभागी का पारिवारिक चिकित्सा, सामुदायिक चिकित्सा, सामान्य चिकित्सा, प्रसूति एवं स्त्री रोग, बाल चिकित्सा, सामान्य सर्जरी, एनेस्थीसिया, नेत्र विज्ञान, अस्थि विज्ञान और मनोचिकित्सा में स्नातकोत्तर होना अनिवार्य है।
- प्रतिभागी का हाल ही में स्नातकोत्तर उत्तीर्ण होना अनिवार्य है, या उसे काम का कुछ अनुभव होना चाहिए (2018 और 2025 के बीच स्नातक करने वाले बैचों से)
- इस कार्यक्रम में हर एक प्रतिभागी को बारी-बारी से दो जगहों पर रहना होगा। इसमें एक उनका मुख्य स्थान होगा, दूसरा अस्थायी स्थान होगा। मुख्य स्थान पर लगभग 9 महीनों तक रहना होगा और दूसरी जगह पर 7 महीने बिताने होंगे। इसमें परिप्रेक्ष्य निर्माण/अवकाश/अन्य कामों के लिए 2 महीने होंगे।
- हर एक प्रतिभागी को एक मेंटर यानी मार्गदर्शक के साथ काम करना होगा। प्रतिभागी और उनके मार्गदर्शक साथ मिलकर यह तय करेंगे कि प्रतिभागी किस क्षेत्र में काम करेंगे और उसके अनुसार एक योजना तैयार करेंगे।
भाषा: हिंदी, अंग्रेज़ी और जिस क्षेत्र में काम कर रहे हैं वहाँ की स्थानीय भाषा में महारत होना अनिवार्य है।
अज़ीम प्रेमजी हेल्थ इक्विटी फ़ेलोशिप के बारे में अधिक जानकारी और बेहतर समझ के लिए नीचे FAQ दिए गए हैं। आवेदन करने से पहले कृपया इसे पढ़ लें।
सामान्य प्रश्न
क्या प्रतिभागियों को किसी तरह की आर्थिक सहायता या मेहनताना दिया जाएगा?
जी हाँ, अज़ीम प्रेमजी फ़ाउण्डेशन की तरफ से आर्थिक सहायता प्रजी हाँ, अज़ीम प्रेमजी फ़ाउण्डेशन हर एक फेलो को मानदेय देगा। यह मानदेय दो हिस्सों में दिया जाएगा – पहला, हर महीने 50,000 रुपये और दूसरा, हर छह महीनों बाद काम करने के लिए एक पार्टनर संस्थान से दूसरे पार्टनर संस्थान जाने के लिए यात्रा, किराया व अन्य ख़र्चों के लिए 1.8 लाख रुपये प्रदान किए जाएँगे। इस बात का ध्यान रखा जाना चाहिए मानदेय ख़र्चों को पूरा करने के लिए दिया जा रहा है, इसे वेतन न माना जाए।दान की जाएगी।
इस फ़ेलोशिप की शुरुआत कब होगी और इसमें कब-कब क्या होगा, इस बारे में जानकारी दें।
- 30 जून 2025 तक आवेदन स्वीकार करने की आख़िरी तिथि है।
- 21-25 जुलाई 2025 के बीच चुनाव प्रक्रिया चलेगी।
- 31 अगस्त 2025 को चयनित डॉक्टरों को सूचित किया जाएगा।
- सितंबर 2025: प्रोग्रैम की शुरुआत की जाएगी।
यह कार्यक्रम कितने समय तक चलेगा?
यह 18 महीनों का कार्यक्रम है।
इस कार्यक्रम की संरचना कैसी होगी?
इस कार्यक्रम में प्रतिभागियों को दो अलग-अलग जगहों पर रहकर काम करना होगा। इसके तहत समुदाय और सामाजिक संदर्भ में काम करने के लिए क्षमता-वर्धन यानी कैपिसिटी-बिल्डिंग के सत्र अलग से आयोजित किए जाएँगे। हर एक प्रतिभागी को 9 महीनों के लिए एक जगह काम करना होगा और अगले 7 महीने किसी दूसरी जगह पर काम करना होगा। क्षमता-वर्धन सत्र काम करने की तय जगह पर या ऑनलाइन आयोजित किए जाएँगे।
अज़ीम प्रेमजी हेल्थ इक्विटी फ़ेलोशिप के लिए कौन आवेदन कर सकते हैं?
इस फ़ेलोशिप के लिए एमबीबीएस स्नातक के बाद पोस्ट-गैजुएशन कर रहे डॉक्टर्स आवेदन कर सकते हैं। आवेदक की पोस्ट-ग्रैजुएशन में पारिवारिक चिकित्सा, सामुदायिक चिकित्सा, सामान्य चिकित्सा, प्रसूति एवं स्त्री रोग, बाल चिकित्सा, सामान्य सर्जरी, एनेस्थीसिया, नेत्र विज्ञान, अस्थि विज्ञान या मनोचिकित्सा में से किसी एक में विशेषज्ञता होना ज़रूरी है। भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त स्नातकोत्तर डिग्री (2018 और 2025 के बीच स्नातक) वाले उम्मीदवारों पर विचार किया जाएगा।
इस कार्यक्रम से प्रतिभागियों को क्या लाभ मिलेगा?
इसमें प्रतिभागियों को अलग-अलग तरह के केसेस पर काम करने का मौका मिलेगा। अस्पताल प्रतिभागियों को सर्जिकल/शल्य चिकित्सा का अभ्यास करने और सीखने का अवसर प्रदान करेंगे। प्रतिभागी लंबे अनुभव वाले मार्गदर्शक से भारत के अलग-अलग हिस्सों में चिकित्सा केंद्र स्थापित करना सीखेंगे। इससे प्रतिभागियों को सामुदायिक स्वास्थ्य पर अपनी समझ बनाने और अनुभव प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
इस कार्यक्रम से कौन-कौन से संस्थान जुड़े हुए हैं?
स्वास्थ्य और चिकित्सा के क्षेत्र में काम करने वाले देश के बेहतरीन संस्थान हमारे साथ जुड़े हैं। इन संस्थानों के पास सामुदायिक स्वास्थ्य और ग्रामीण अस्पताल स्थापित करने के लंबे अनुभव हैं। वे संस्थान हैं:
ASHWINI (नीलगिरी क्षेत्र में स्वास्थ्य कल्याण संगठन), Nilgiris District, Tamil Nadu
क्रिश्चियन अस्पताल, बिसमकटक, ज़िला रायगढ़, ओडिशा
चिंचपाडा क्रिश्चियन अस्पताल, ज़िला नंदुरबार, महाराष्ट्र
हर्बर्टपुर क्रिश्चियन अस्पताल, ज़िला देहरादून, उत्तराखण्ड
जन स्वास्थालय सहयोग, ज़िला बिलासपुर, छत्तीसगढ़
मधेपुरा क्रिश्चियन अस्पताल, ज़िला मधेपुरा, बिहार
मकुंदा क्रिश्चियन लेप्रोसी और जनरल अस्पताल, ज़िला करीमगंज, असम
शहीद अस्पताल, दल्ली राजहरा, ज़िला दुर्ग, छत्तीसगढ़
स्वास्थालय स्वराज, ज़िला कलाहांड़ी, ओडिशा
सेवा ग्रामीण, ज़िला भरुच, गुजरात
जैसाकि बताया गया है, इस कार्यक्रम के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में रहना होगा। ऐसे में रहने की व्यवस्था की जाएगी?
प्रतिभागियों को जिस संस्थान में रहकर दिए गए समय में काम करना है, वहीं उनके रहने की व्यवस्था की जाएगी। (अगर कोई प्रतिभागी विवाहित है, तो उनके लिए उस तरह की व्यवस्था की जाएगी।)
कार्यक्रम के पूरा होने तक प्रतिभागी को कितनी जगहों पर काम करना होगा?
हर एक प्रतिभागी एक के बाद एक, दो जगहों पर रहकर काम करना होगा। यह पोस्टिंग रोटेशनल आधार पर होगी।
क्या इस कार्यक्रम के तहत संबंधित मेडिकल ऑथरेटी द्वारा मान्यता प्राप्त प्रमाणपत्र दिया जाएगा?
कार्यक्रम के पूरा कर लेने पर अज़ीम प्रेमजी फ़ाउण्डेशन संबंधित संगठन के साथ मिलकर प्रमाणपत्र उपलब्ध कराएगा।
साफ़ तौर पर काम करने की ये जगहें सुदूर और ग्रामीण इलाकों में हैं। ऐसे में, क्या प्रतिभागियों को अपने कौशल का अभ्यास करने के लिए ज़रूरी चिकित्सा सुविधाओं का अभाव या कमी होगी?
हर एक जगह पर ज़रूरी चिकित्सा सुविधाएँ मौजूद हैं। इन संस्थानों ने कई वर्षों तक लगातार अपने आप को सेवा देने योग्य बनाया और विकसित किया है। इन संस्थानों की वेबसाइट्स पर उनके कामों और उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी दी गई है।
क्या इस कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागी छुट्टी ले सकते हैं?
जी हाँ, कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागी छुट्टी पर जा सकते हैं। इस बारे में सटीक जानकारी संबंधित संस्थान से चर्चा के बाद दी जाएगी।
एक लोकेशन पर एक बार में एक ही प्रतिभागी काम करेंगे?
सभी लोकेशन पर प्रतिभागी एक टीम के हिस्से की तरह काम करेंगे। यह किसी ख़ास डिपार्टमेंट और चुने गए उम्मीदवारों की संख्या पर यह निर्भर करेगा। आमतौर पर 1 से 2 प्रतिभागी एक लोकेशन पर काम कर सकते हैं।
क्या इस प्रोग्रैम के पूरा होने के बाद प्लेसमेंट का मौका भी दिया जाएगा?
अगर ज़रूरत होगी तो, प्लेसमेंट से जुड़ी चर्चा प्रोग्रैम के आख़िर में की जाएगी।
क्या कोई प्रतिभागी बीच में यह कार्यक्रम छोड़ सकता है?
इस तरह के मामलों में संबंधित संस्थान और अज़ीम प्रेमजी फ़ाउण्डेशन के बीच एक उचित नोटिस-पीरियड तय किया जाएगा। प्रतिभागी को मिलने वाले किसी भी आस्थगित लाभ का भुगतान आनुपातिक आधार पर किया जाएगा।
क्या यह एक विशेष फेलोशिप या रेज़ीडेंसी डॉक्टर जैसा ही प्रोग्रैम हैै?
यह प्रोग्रैम किसी विशेषफ़ेलोशिपप या रेज़ीडेंसी डॉक्टर से बिलकुल अलग है। हम इस प्रोग्रैम में हिस्सा लेने वाले भागीदारों को उपचार और समुदाय में काम करने समृद्ध अनुभव प्रदान करना चाहते हैं। यह काम भागीदारों को अलग-अलग जगह जाकर करना होगा। इससे आपको लोगों के अस्वस्थता की वजहों और उन्हें बेहतर उपचार सेवाएँ प्रदान करने में मदद मिलेगी। इससे आपको यह भी पता चलेगा कि अपने चिकित्सा ज्ञान को किस तरह से समय और जगह के मुताबिक ढाला जा सकता है और उसका इस्तेमाल न सिर्फ़ रोगियों की बेहतरी के लिए, बल्कि उनके परिवार और बड़े पैमाने पर समुदाय के लिए भी लागू किया जाना चाहिए। आप इसमें बेहतर-से-बेहतर तकनीक और दवाओं के इस्तेमाल पर भी किस तरह ध्यान केंद्रित कर समुदाय व समाज की स्वास्थ्य पर काम करना भी सीखेंगे।
अगर आप अज़ीम प्रेमजी हेल्थ इक्विटी फ़ेलोशिप के बारे में अधिक जानना चाहते हैं, तो आप हमसे [email protected] पर संपर्क कर सकते हैं।
