हम भारत की सबसे संवेदनशील हालातों से जूझ रही लड़कियों, महिलाओं और अन्य लैंगिक व यौन अल्पसंख्यकों के साथ काम करने वाले 170 से ज़्यादा संगठनों को आधार प्रदान करते हैं।
हम ऐसे भागीदारों की खोज करने पर ध्यान केंद्रित करते हैं, जो किशोर लड़कियों के साथ मिलकर लैंगिक समझ विकसित करते हैं और उन्हें महत्त्वपूर्ण जीवन-कौशल सिखाते हैं। हम ऐसे भागीदारों की भी तलाश कर रहे हैं, जो लैंगिक हिंसा को रोकने में महिलाओं की मदद प्रदान करते हैं। हम उन संगठनों के साथ भी भागीदारी करते हैं, जो लड़कियों, महिलाओं और लैंगिक व यौन अल्पसंख्यकों के सदस्यों को अधिकारों को पाने के लिए सक्षम बनाते हैं।
ऐसे सभी कार्यों का अंतिम लक्ष्य एक ऐसा भविष्य है, जिसमें ऐसे सभी समूह और समुदाय उस प्रतिबंधात्मक वास्तविकता से मुक्त हों, जिनके वे अधीन बनाए जाते हैं।
इस क्षेत्र में हमारे काम के लिए आपसी सहयोग बहुत महत्त्वपूर्ण है। हम लड़कियों और महिलाओं के लिए किशोर समूहों/संघों का समर्थन करते हैं, ताकि वे एक साथ आकर सीखें, एकजुटता बनाएँ, बदलाव का समर्थन करें और सामूहिक रूप से उन चुनौतियों का सामना करें। इसके परिणामस्वरूप, जवाबी प्रतिक्रिया व्यवस्था को मज़बूत होती है, जैसे संकट में साथ देना, परामर्श, आश्रय, स्वास्थ्य सेवा और मुआवज़ा तक पहुँच की सुविधा, ताकि लड़कियाँ और महिलाएँ हिंसा-मुक्त जीवन जी सकें।

हमारे भागीदारों के ज़मीनी स्तर पर किए गए कार्यों के फलस्वरूप ऐसे समूह बने हैं, जो लड़कियों को भेदभाव से लड़ने के लिए माध्यम उपलब्ध कराते हैं। समुदाय में प्रयासों को गति देने के लिए किशोर लड़कियों की अग्रणी सहकर्मियों का एक कैडर गठित किया गया है।
जिन किशोर लड़कियों के समूह को हम आधार प्रदान करते हैं, उनमें से बेहतर लड़कियों को अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय अपने पाठ्यक्रम में दाखिले की सुविधा प्रदान करता है। हमने अपने भागीदार संगठनों के माध्यम से अपने विश्वविद्यालय में लड़कियों के लिए स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश की सुविधा भी प्रदान करते हैं।
हमारे भागीदार, संरचना-आधारित मुकदमा-प्रबंधन के माध्यम से हिंसा के पीड़ितों को कानूनी सहायता भी प्रदान करते हैं। इससे हिंसा के पीड़ितों को सरकारी मुआवज़ा प्राप्त करने और औपचारिक आय का सृजन करने में भी मदद मिली है।
हमारा काम लैंगिक और यौन अल्पसंख्यकों के अधिकारों और उनके कल्याण पर भी ज़ोर देता है, ताकि उन्हें मूलभूत अधिकारों, आश्रय, स्वास्थ्य, कानूनी सहायता और आजीविका के अवसरों तक पहुँच की सुविधा प्राप्त हो।
लैंगिक न्याय के लिए पुलिस, पंचायत, बाल कल्याण अधिकारियों और समुदाय के अग्रणी व्यक्तियों जैसे ज़रूरी हितधारकों के साथ निरंतर और व्यापक संवाद की आवश्यकता होती है। हम केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के कार्यान्वयन को मज़बूत करने के लिए ब्लॉक और ज़िला स्तर पर सरकारी अधिकारियों के साथ भी सहयोग करते हैं।
जेंडर जस्टिस के क्षेत्र में हम अपने भागीदारों के ज़रिए काम करते हैं।
