कोविड-19 के दौरान लगभग दो वर्षों तक स्कूल बंद रहे। इस मुश्किल घड़ी में बच्चों की पढ़ाई और सीखने में बड़ा संकट देखा गया। इस महामारी की मुश्किल घड़ियों में बच्चों का सीखना और पढ़ाई जारी रखने के लिए उत्तराखण्ड के शिक्षकों, स्वास्थ्यकर्मियों और शिक्षा क्षेत्र में काम करने वाले कई कार्यकर्ताओं ने अपने प्रयासों को जारी रखा।